Wednesday, 6 December 2017

आप के लफ्ज़ो की अदायगी का वो जादू....कलम लिए हाथ मे,बस हमी पे नज़म लिख देने का वो जादू....

हमारे चलने पे,हमारे ही कदमो पे निसार होने का यही तेरा जादू....हमारी ही हसी पे,हम को ही लूट लेने

का तेरा यह कातिलाना जादू....कौन हो तुम......गर्दिश मे सितारे आप के है,पर आसमां की बुलंदियों पे

हम को ले जाने का तेरा जादू.....कहे क्या आप से.....फरिश्ता हो या ज़िंदगी का रुख बदलने का कोई

नामचीन जादू.....