Thursday, 31 January 2019

रुक जाईये कि कदम अब एक भी और बड़ा नहीं सकते...देखिये ना हमारे पाँव के छालो  को,लहू का

दर्द है कितना बता भी नहीं सकते..इतने खुदगर्ज़ ना बनो,हम तकलीफ मे परेशां है कितना तुम्हे

समझा ही नहीं सकते...'' दुनियाँ अभी दर्द बेइंतिहा देने को है तैयार,प्यार के रास्ते है भरे कितनी

उलझनों से..यह तुम्हे बता ही नहीं सकते.. साथ देने का वादा जब दिया है,तो तकलीफो से क्या

डरना..हम खुदगर्ज़ नहीं,हमसफ़र है तेरे..प्यार करते है कितना,अब यह जता भी तो नहीं सकते ''...

Wednesday, 30 January 2019

इंतिहा जनून की किसे कहते है,मालूम नहीं..इंतिहा इबादत की कहाँ तक होती है,यह भी याद नहीं..

रेशम के धागो से भी जो रिश्ता बंधा रहे...चोट जो तुझ को लगे,आंसू मेरी आँखों से निकल आये...

तू जो कहे दिन को रात,मेरी नज़र उसी को सलाम करे...हसरते छोटी छोटी,मगर सकून जिस मे

हम दोनों को मिले...ख़्वाब जो तू देखे,रज़ा मेरी उसी मे शिरकत ही करे...शायद जनून प्यार का इसी

को कहते है... 
क्या लिखे तेरे लिए कि तेरा नाम ही काफी है मेरे जीने के लिए ...गुजर रहे है लम्हे,गुजर रहे है साल

प्यार तेरा पाने के लिए अभी भी,बरसो करे गे तेरा इंतज़ार...शिकवा नहीं कोई,शिकायत का नामो-निशाँ

भी नहीं..तेरे नाम से जुड़ा है जब नाम मेरा,फिर रुत कोई भी हो.. हो बरखा या पतझड़ की कोई शाम..

फासले अक्सर पास रह कर भी कायम रहते है...तू बेशक दूर सही,मगर खयालो मे मेरे है...यही काफी है

मेरे जीने के लिए...

Monday, 21 January 2019

दिल अपने की सुने या धक धक तेरे दिल की सुने..अकेले मे आवाज़ अपनी सुने या तेरे नग्मों को

ज़िंदगी अपनी मे शामिल कर ले...बहुत गुमान है तुझे अपनी सूरत पे,कसम है खुद की सूरत की

तेरी सीरत को आज भी किसी की नज़र ना लगे...सूरत तो हवाओ मे ग़ुम हो जाया करती है,एक

सीरत ही तो है जो लोगो की यादो मे बस जाया करती है..पर गुमा फिर भी अपनी अच्छी सीरत

पे ना करना,यह  दुनिया एक  छोटी सी खता के लिए सब कुछ भूल जाया करती है...

Friday, 18 January 2019

पुकारो गे गर बार बार मुझे,जानते हो ना कि आ नहीं पाए गे....मर्ज़ी नहीं यह हमारी,मज़बूरी है यह

तुम भी समझ पाओ गे...बहुत कुछ,बहुत कुछ अधूरा है अभी...जो किया था तुम से वादा कभी,वो

पूरा कर सलीके से निभा कर ही आये गे...लौट कर फिर इस जहाँ मे ना आना चाहे गे,किसी भी रिश्ते

मे बंधना ही नहीं चाहे गे...कदम कदम पे जहाँ अपनी बेगुनाही का सबूत देना पड़े,अकेले रहने का

दर्द खुद ही सहना पड़े...कसम खुदा की,जब भी छोड़ी यह दुनिया..पलट कर दुबारा यहाँ नहीं आये गे ..

Monday, 14 January 2019

'' मुरादें पूरी हो सभी '' कह कर इतना वो फ़क़ीर दर से मेरे चला गया...हाथ अपना रख कर सर पे मेरे,

कही अचानक से वो गायब हो गया...पत्थर के बुत से बने,ना जाने कब तल्क़ रुके रहे दरवाज़े पे...होश

आया जब पुकारा किसी ने नाम से मेरे ...'' मुरादें ''..क्यों मुस्कुरा दिए इस लफ्ज़ पे...सकून बस अब इस

दिल को मिले,भरी आँखों से यही सोच के मांगी यही मुराद...मन से कहा शुक्रिया और उस फ़क़ीर को कर

नमन अपने कामो मे फिर गुम हो गए..

Saturday, 12 January 2019

नक्शे-कदम चले या नक्शे-हमराज़ बने..छोटी सी है यह ज़िंदगी,क्या बने और क्या ना बने..मगर तय

है यह,उन रास्तो पे चले जहां मंज़िल पे तू ही तू...ही रहे..अहमियत दौलत की ना हो,गरूर का कही

नामों-निशाँ ना रहे...जो बात मैं ना भी कहू,उसे तू समझने के लिए हमेशा समझदार रहे...मतलब की

दुनिया है सारी,इस से खबरदार मैं भी रहू और तू भी रहे..

Saturday, 5 January 2019

इनायत हुई जब जब खुदा की हम पे..सज़दा जो किया दो बूंद आंसू छलक आये इन आँखों से... जुबाँ

तो खामोश थी मगर हज़ारो बाते करता रहा यह दिल बेहिसाब से..मेहरबानियाँ कर दी हम पे इतनी

कि जन्मो जन्म के लिए हम आप के शुक्रगुजार हो गए..इस से पहले कि बिखर जाते किसी सूखे पत्ते

की तरह,बहुत प्यार से थाम लिया मेरे मालिक मुझे अपने बच्चे की तरह..क्या कहू कि अब अपनी हर

साँस को हवाले कर दिया आप के कदमो मे हर हाल मे...

Wednesday, 2 January 2019

रेशम के धागो की तरह नाज़ुक,शबनमी ओस की जैसे निखरी..रंग जैसे कोई खिला गुलाब,पखुड़ियो

को मात देते लबो से निकलते वो मीठे अल्फाज़..तेरे हुस्न की परख ज़माना कर नहीं सकता..तू पाक

है इतनी कि इबादत मे कोई दिल इतना साफ़ हो नहीं सकता...छू लेना तो बहुत दूर की बात है,ख़्वाब

मे तुझे कोई देखे,इतना नसीब ले कर कोई पैदा हो ही नहीं सकता...

                                    ''सरगोशियां,इक प्रेम ग्रन्थ'' सरगोशियां--जहां लिखे प्यार,प्रेम के शब्द,आप को अपने से ...