वकत और हालात हमेशा एक जैसे नही रहते..दोसतो..जब हालात और वकत दोनो आप के साथ ना हो..तो उदास या बेहद परेशान मत हो..अपनी हिममत बरकरार रखे..किसी से भी बेवजह ना उलझे..मौन को अपना साथी बनाए..आप की यह खामोशी कोई समझे या ना समझे पर भगवान् देर सबेर आप के मौन की भाषा जरूर समझे गे..एक गहरी आसथा बनाए रखे..करम सही रखे...कल यह वकत भी आप का होगा और हालात भी..खुश रहे और खुशिया बाटे....नई सुबह का नमसकार अाप सब को...शुभकामनाए...शुभकामनाए...........
Saturday, 5 March 2016
दे कर रंग इन लबो को तेरे प्यार का.... .....
दे कर रंग इन लबो को तेरे प्यार का,हम ने अपने लबो को सिल लिया...कुछ कहते नहीं अब इस ज़माने से कि इन से कहने को अब बाकी रह क्या गया...नज़रे चु...
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तेरी उन बचकानी हरकतो को याद करतेे है हम..वो मुझ से रूठना फिर मना लेना. नही भूूल पाए है हम...आज ना वो बचपन है ना ऱिशतो की वो बाते...ना ...
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आहटे कभी झूट बोला नहीं करती,वो तो अक्सर रूह को आवाज़ दिया करती है...मन्नतो की गली से निकल कर,हकीकत को इक नया नाम दिया करती है...बरकत देती ...
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एक अनोखी सी अदा और हम तो जैसे शहज़ादी ही बन गए..कुछ नहीं मिला फिर भी जैसे राजकुमारी किसी देश के बन गए..सपने देखे बेइंतिहा,मगर पूरे नहीं हुए....