Wednesday, 12 November 2014

जुबाॅ खामोश थी,पर इन नैनो ने सब कह दिया..तुम जो मुसकुराए,पलकेे भीगी और

यह नैना बह गए...फिर उठे कई हाथ दुआऔ के लिए,मननते हुई पूरी और जीवन सॅवर

गया...जीवन की राहो मे आते रहे कितने मकाम...जुबाॅ तब भी खामोश थी...पर नैनो

ने दामन नही छोडा...हमेशा मुसकुराते रहे.....

Monday, 10 November 2014

कोई गरीब भूखा इनसान जब हमारे सामने हाथ फैलाताा है,तो मन दरद से भर जाता

है..पर जब हम उस को भर पेट खाना खिलाते है,उस केे बाद जो चमक उस की आॅॅखो मे

होती है...बस उसी मे हमे रब..खुदा..भगवान् सब दिख जाते है...बस एक कदम इनही

रब के बनदो की और बडा दीजिए.....एक खुशनुमा सुबह आप सब के लिए.....

Saturday, 8 November 2014

हाथ जुड गए मेरे,इबादत मे ऐ मेरे खुदा...जो दिया है तुम ने,वो मेरी उममीद से कही

जयादा है मेरे खुदा....हसरतो का तो कोई अनत नही होता,आज गाडी है तो कल बॅगले

का खवाब होगा..तेरे सजदे मे यह सर झुक गाया मेरे खुदा.....अब यह जान भी तू माॅग

ले..ना करू गा इनकार ऐ मेरे खुदा....

Thursday, 6 November 2014

आसमाॅ से तारे तोड लाए गे,तेरे कदमो मे सारे जहाॅ की खुशियाॅ बिछा दे गे...हम हॅस

दिए थे तब तेरी आसमानी रूमानी बातो पे,ना कोई लाया आज तक सितारे आसमानो

से,ना खुशियो का भरपूर खजाना जुटा पाया...रिशतो की यह दुनियाॅ हकीकत से चलती

है,दौलत से नही-सोने चाॅदी के सिकको से भी नही...दिलो के तार मिलनेे से चलती है....

Wednesday, 5 November 2014

हर सुबह हमेशा खुुशी का पैगाम ही ले कर आए..ऐसा होता तो नही..पर हर सुबह उदासी

लाए,ऐसा भी होता नही...खुशी हो या गम,यह दोनो तो जिनदगी के पहलू है..खुशी मिले

तो आसमाॅ मे उडना नही,गम आए तो रो कर थकना नही..कयो कि जिनदगी सिरफ

जीने का जिनदा दिल नाम है...नई सुबह की नई किरण आप सब के लिए शुभ हो...

Tuesday, 4 November 2014

तुझे खोने के बरसो बाद,यह जाना कि आज हम इस जिनदगी से ही बेगाने हो गए है...

हर धरम निभाने के बाद,यह जाना कि इसी जिनदगी से ही दूर हो गए है...वो तेरे दूर

जाने का गम,तेरे करीब होने का एहसास दिलाता है...मिले गे जननत मे,उस बात को

याद कर के तुझ से मुलाकात होने का एहसास दिलाता है..इस से परे इक दुनियाॅ और

भी है,यह सोच कर यह मन गुनगुनाने लगता है.....

Sunday, 2 November 2014

तनहाॅॅ होते है जब भी,यह सोचते है अकसर...कितने ही इलजामो से घिरा है जीवन

अपना...ना बना पाए किसी को अपना,ना किसी के जीवन मे उतर पाए बन के अपना...

गुलामी करते या खुद का वजूद ही मिटा देते,तो सुनहरा जीवन जीते..पर उसूलो को ना

तोड पाए ना वजूद अपना मिटा पाए..हाॅ खुद को तनहाई से दूर रखते है..अपने आप मे

जी कर खुशी और सकून के पल जीते है...

दे कर रंग इन लबो को तेरे प्यार का.... .....

 दे कर रंग इन लबो को तेरे प्यार का,हम ने अपने लबो को सिल लिया...कुछ कहते नहीं अब इस ज़माने  से कि इन से कहने को अब बाकी रह क्या गया...नज़रे चु...